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रौशन आनंद को मिली जमानत, भाई प्रिंस यादव का आज होगा अंतिम संस्कार; नेपाल में मौत की जांच जारी

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ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को अदालत से नियमित जमानत मिल गई है। वहीं उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध मौत के बाद शव पैतृक गांव पहुंचा है। मामले की जांच भारत और नेपाल दोनों स्तर पर जारी है।

पटना/आलम की खबर:पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को अदालत से बड़ी राहत मिली है। लंबे इंतजार के बाद कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका को मंजूरी दे दी है। वहीं दूसरी तरफ जमानत मिलने की खुशी के बीच रौशन आनंद और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।

प्रिंस यादव का शव रविवार देर रात उनके पैतृक गांव धमसैना पहुंचा, जहां पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी बड़ी संख्या में मृतक के घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी।

बताया जा रहा है कि प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा। रौशन आनंद को मिली जमानत के बाद उनके भी अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना है। परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन बताया जा रहा है, क्योंकि एक तरफ कानूनी मामले से राहत मिली है तो दूसरी ओर भाई की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।

अदालत से रौशन आनंद को मिली राहत

ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद पिछले कुछ दिनों से पटना के बेउर जेल में बंद थे। उन्हें खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े विवाद और कथित गोलीकांड मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनकी जमानत याचिका पर पहले दो बार सुनवाई टल चुकी थी, जिसके बाद सभी की नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हुई थीं।

अदालत ने सुनवाई के बाद उनकी नियमित जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इसके बाद उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। बताया जा रहा है कि जमानत मिलने के बाद वह अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकेंगे।

नेपाल में हुई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत

प्रिंस यादव की मौत ने पूरे मामले को और जटिल बना दिया है। जानकारी के अनुसार, नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में उनकी संदिग्ध हालत में मौत हुई। घटना के बाद से ही मौत के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

प्रिंस यादव पटना के चर्चित कोचिंग विवाद से जुड़े मामले में आरोपी बनाए गए थे। पुलिस की एफआईआर में नाम आने के बाद से वह फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी, इसी बीच नेपाल से उनकी मौत की खबर सामने आई।

जांच पर टिकी सभी की नजर

प्रिंस यादव की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नेपाल के होटल में उस रात क्या हुआ था। घटना के समय उनके साथ मौजूद लोगों की भूमिका, होटल की परिस्थितियां और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।

नेपाल पुलिस भी मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

परिवार और ग्रामीणों की मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। उनका कहना है कि अगर किसी तरह की साजिश है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

कोचिंग विवाद में आया नया मोड़

रौशन आनंद और खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े विवाद ने पहले ही काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अब प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया है।

एक ओर रौशन आनंद को न्यायालय से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर परिवार अपने सदस्य को खोने के गम में है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और रिपोर्ट से ही इस पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।

फिलहाल सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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बिहार में कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवादों पर बढ़ी निगरानी

पटना के कोचिंग विवाद से जुड़ा मामला अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को अदालत से जमानत मिली है, वहीं दूसरी तरफ उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

किसी भी मामले में सच्चाई तक पहुंचने के लिए निष्पक्ष जांच सबसे जरूरी होती है। फिलहाल प्रिंस यादव की मौत को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आएगा।

परिवार और ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की गहराई से जांच हो और अगर कोई दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब भारत और नेपाल की जांच एजेंसियों की भूमिका इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

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